MP बड़ी खबर- दमोह में खुदाई के दौरान मिले 9वी शताब्दी के 7 प्राचीन शिव मंदिरों का समूह

By: PalPal India News
January 16, 2025

पलपल इंडिया प्रतिनिधि,दमोह। मध्य प्रदेश पुरातत्व विभाग को दमोह में खुदाई कर रही है, इस खुदाई के दौरान उन्हें कलचुरीकाल के सात मंदिर मिले हैं। हजार साल पुराने मंदिर मिट्टी के टीले के नीचे दबे थे। मंदिर चंदेल राजाओं ने बनवाए थे। मंदिर की पत्थर की प्लिंथ ढाई मीटर ऊंची है।

दरअसल पुरातत्व विभाग की टीम दमोह में खुदाई कर रही है, जहां टीम को दोनी गांव में कलचुरी काल के 7 प्राचीन शिव मंदिरों का समूह मिला है। ये सभी मंदिर 9वीं शताब्दी के हैं और मिट्टी के नीचे दबे हुए थे। कहा जा रहा है कि हजार साल पुराने मंदिर युवराज देव के शासनकाल के हैं। एक मंदिर की प्लिंथ जमीन से ढाई मीटर ऊंची है। विशेषज्ञों का कहना है कि दोनी गांव में तीन महीने से खुदाई चल रही है। अभी और काम होगा।

मिट्टी के टीले के नीचे दबे थे 7 मंदिर

आर्कियोलॉजिस्ट्स ने बताया है कि खुदाई में मिले मंदिर सैंड स्टोन से बने हुए है और ये मंदिर चंदेल राजाओं द्वारा बनवाए गए थे। अनुमान ये भी लगाया जा रहा है की मंदिरों का निर्माण कई पीढ़ियों तक चलता रहा होगा, और वे काफी भव्य रहे होंगे। इस क्षेत्र में अभी और भी अन्य मंदिरों के समूह होने की संभावना भी जताई जा रही है। विशेषज्ञों के अनुसार, इन मंदिरों के जमींदोज होने का कारण आक्रमण और मौसम की परिस्थितियां हो सकती हैं। कई मंदिरों के हिस्से चोरी हो चुके हैं, और कुछ लोगों ने तो इन मंदिरों के पत्थर अपने घरों में लगा लिए हैं।

अर्द्धनारीश्वर समेत 35 देवी देवताओं की प्रतिमाएं मिलीं

जानकारी के अनुसार, खुदाई में गणेश, शिव, अर्द्धनारीश्वर जैसी करीब 35 प्रतिमाएं मिली हैं। इन प्रतिमाओं को दुर्गावती संग्रहालय, जबलपुर और दमयंती संग्रहालय, दमोह में रखा गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर खुदाई में किसी मंदिर के 75 प्रतिशत से अधिक अवशेष मिलते हैं, तो उसका पुनर्निर्माण किया जा सकता है।

संभल से भी पुराना मंदिर मिला

पुरातत्व विभाग के अनुसार यह शिव मंदिर 500 साल पुराना है। हालांकि, संभल और दमोह के मामलों में अंतर है, क्योंकि संभल में जो मंदिर मिला है, वह सैकड़ों साल पुराना है, जबकि दमोह का मामला अलग है। वहीं दमोह में मिले मंदिर लगभग 70 फीट ऊंचे रहे होंगे। फिलहाल, यहां की जांच के बाद और जानकारी सामने आ सकती है। ये मंदिर 9वीं शताब्दी यानी करीब 1000 साल पुराने हैं।

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