मुंबई पुलिस को डिजिटल अरेस्ट फ्रॉड केस में मिली बड़ी कामयाबी, जाने कैसे बच सकते है स्कैमर्स से

By: PalPal India News
June 6, 2025

पलपल इंडिया प्रतिनिधिआजकल स्कैमर्स नए नए तरीकों से लोगों को लूटने का प्लान बना रहे हैं। उसमें से एक तरीका डिजिटल अरेस्ट का है। मुंबई पुलिस ने लोगों को इस तरह के फ्रॉड से बचने के लिए कुछ उपाय बताए हैं।

समय के साथ-साथ जैसे टेक्नोलॉजी एडवांस हुई वैसे ही लोगों को लूटने वाले स्कैमर्स भी एडवांस होते चले गए। आजकल ये स्कैमर्स लोगों को डिजिटल अरेस्ट के जरिए अपना निशाना बना रहे हैं। इसी डिजिटल अरेस्ट के एक फ्रॉड केस में मुंबई पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली ही है। मुंबई पुलिस की साइबर ब्रांच ने एक डिजिटल धोखाधड़ी मामले का पर्दाफाश करते हुए 1.29 करोड़ रुपए जब्त किए हैं। पुलिस ने यह कार्रवाई 1930 हेल्पलाइन नंबर और संबंधित बैंक खातों की निगरानी के जरिए की है। आइए अब आपको बताते हैं कि पुलिस ने मामले के संबंध में क्या जानकारी दी है।

पुलिस ने फ्रॉड के बारे में क्या बताया?

मुंबई पुलिस ने इस मामले में बात करते हुए बताया, ‘4 जून 2025 को पुलिस के पास एक शिकायत दर्ज कराई गई थी। एक 73 वर्षीय डॉक्टर को कुछ स्कैमर्स ने उन्हें अपना निशाना बनाया। दरअसल आरोपियों ने अपने आप को ट्राई(TRAI) और दूसरे ऑथोरिटी का अधिकारी बताते हुए डॉक्टर से संपर्क किया और उन्हें डिजिटल अरेस्ट कर उनके साथ धोखाधड़ी करते हुए उनके अकाउंट से 2.89 करोड़ रुपए ट्रांसफर करवा लिए।’ इस मामले की जांच करते हुए पुलिस ने दूसरे कई बैंक खातों में हुए लेन-देन को ट्रैक किया और 2 जून से लेकर 4 जून के बीच 1.29 करोड़ रुपए को फ्रिज करवा दिया। पुलिस ने यह बताया कि इस फ्रॉड में इस्तेमाल हुए फोन नंबर और खातों को ट्रेस करते हुए सटीक कार्रवाई की गई है। मुंबई पुलिस की साइबर ब्रांच ने मामले के संबंध में जानकारी देते हुए लोगों यह अपील की है कि वो सभी इस तरह के संदिग्ध फोन कॉल से सतर्क रहें और इस तरह के फ्रॉड से बचने के लिए वो लोग ‘डिजिटल रक्षक’ हेल्पलाइन नंबर 7715004444 या 7400086666 पर संपर्क करें।

धोखाधड़ी से बचने के लिए अपनाएं ये उपाय

पुलिस ने लोगों को इस तरह के फ्रॉड से बचने के लिए कुछ उपाय दिए हैं। पुलिस ने बताया है कि आप किसी भी अज्ञात कॉलर पर भरोसा न करें, चाहे वे सरकारी अधिकारी होने का दावा करें। इतना ही नहीं आप OTP, बैंक की डिटेल जैसी निजी जानकारी को किसी के साथ भी साझा न करें और अगर कोई शक हो तो आप पास के पुलिस स्टेशन या फिर हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *