नई दिल्ली. म्यांमार में 28 मार्च 2025 को आए विनाशकारी भूकंप ने भारी तबाही मचाई है। रिक्टर स्केल पर 7.7 तीव्रता वाले इस भूकंप का केंद्र सागाइंग क्षेत्र था, जहां अब तक 700 लोगों की मौत और 1,670 से अधिक लोग घायल होने की पुष्टि हुई है।
भूकंप इतना शक्तिशाली था कि पड़ोसी देश थाईलैंड में भी इसका असर देखने को मिला, जहां 10 लोगों की मौत और 68 लोग घायल हुए हैं। वहीं, चीन में भी हल्के झटके महसूस किए गए, जिससे दो लोग घायल हुए हैं।
म्यांमार की सेना ने मांडले, नेपीताव, सागाइंग, बागो, मैगवे और पूर्वी शान राज्य में आपातकाल घोषित कर दिया है। भूकंप के कारण इमारतें, सड़कें और पुल क्षतिग्रस्त हो गए हैं, जिससे राहत कार्यों में कठिनाइयाँ आ रही हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस त्रासदी पर गहरी चिंता व्यक्त की है और म्यांमार व थाईलैंड को हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया है। उन्होंने विदेश मंत्रालय को इन देशों की सरकारों के साथ संपर्क में रहने के निर्देश दिए हैं।
इस विनाशकारी भूकंप ने पूरे क्षेत्र में भय और चिंता का माहौल बना दिया है। राहत और बचाव कार्य जारी हैं, लेकिन भारी नुकसान और दुर्गम क्षेत्रों की वजह से चुनौतियाँ बनी हुई हैं। हम इस कठिन समय में म्यांमार और अन्य प्रभावित देशों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हैं और उम्मीद करते हैं कि स्थिति जल्द सामान्य होगी।