nagar nigam: नगर निगम ने राजस्व वसूली अभियान को कड़ा करते हुए शहर के सभी बड़े व्यवसायिक प्रतिष्ठानों की जांच के आदेश दिए हैं। निगमायुक्त रामप्रकाश अहिरवार ने अस्पताल, होटल, रेस्टोरेंट, ढाबे, मैरिज हॉल, गोडाउन, बड़े कबाड़खाने, फैक्ट्री, कार शोरूम, पेट्रोल पंप और शॉपिंग मॉल जैसे भवनों का क्षेत्रफल और दर्ज विवरण मिलान करने के निर्देश अधिकारियों को दिए हैं।

त्योंहारों का मौसम शुरू होते ही खाद्य विभाग ने भी सख्ती शुरू कर दी है। मिठाइयों की दुकानों के अलावा नवरात्रों में बिकने वाला कुट्टू के आटे पर नजर बनाई हुई है। खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से नवरात्रि के त्योहार से पहले विशेष टीम को ग्राउंड पर उतारा गया है। अधिकारियों की ओर से ऐसे तमाम संभावित क्षेत्रों में जाकर निरीक्षण किया जा रहा है। दुकानों-गोदामों पर जाकर जांच की जा रही है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि विवरणी में दर्ज क्षेत्रफल और वास्तविक क्षेत्रफल में अंतर पाया जाता है, तो न केवल संबंधित संपत्ति स्वामी पर पांच गुना पेनाल्टी लगाई जाएगी, बल्कि गलत विवरण दर्ज करने वाले राजस्व अमले पर भी दंडात्मक कार्रवाई होगी.

निगमायुक्त ने सभी 16 संभागीय अधिकारियों और राजस्व निरीक्षकों को निर्देशित किया है कि वे वार्डवार भ्रमण कर सभी बड़े प्रतिष्ठानों की विवरणी का सत्यापन करें. इसके साथ ही वर्ष 2025-26 की विवरणी, निर्माण वर्ष और निर्मित क्षेत्रफल को दर्ज कर तीन दिनों के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करें.
उन्होंने कहा कि गलत विवरण मिलने पर सख्ती से वसूली की जाएगी और किसी भी प्रकार की हीलाहवाली बर्दाश्त नहीं होगी. निगमायुक्त ने चेतावनी दी कि इस कार्रवाई में लापरवाही करने वाले अधिकारी-कर्मचारियों के खिलाफ भी कठोर दंडात्मक कदम उठाए जाएंगे.