पलपल इंडिया प्रतिनिधि। वैसे तो पूरे साल भर महाकाल के दर पर भक्तों की भीड़ लगी रहती है और श्रावण मास शुरुआत होते ही भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी। भगवान महाकाल की भस्म आरती के बाद दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग गईं। मंदिर प्रशासन ने श्रावण मास के लिए विशेष दर्शन व्यवस्था की है, जिसमें सामान्य दर्शनार्थियों, शीघ्र दर्शन और कावड़ यात्रियों के लिए अलग-अलग प्रवेश द्वार निर्धारित किए गए हैं। ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में आज से श्रावण का उल्लास छा गया है। भगवान महाकाल भक्तों के लिए जल्दी जागे। मंदिर की परंपरा अनुसार श्रावण मास के प्रत्येक रविवार को रात 2.30 बजे तथा सप्ताह में शेष दिन रात 3 बजे मंदिर के पट खुलेंगे। इसके बाद भगवान महाकाल की भस्म आरती हुई। बता दें आम दिनों में तड़के 4 बजे मंदिर के पट खुलते हैं। इसके बाद भस्म आरती होती है।
मंदिर प्रशासन ने सामान्य दर्शनार्थियों के लिए श्री महाकाल महालोक के नंदी द्वार, 250 रुपये के शीघ्र दर्शन टिकट वाले दर्शनार्थियों के लिए गेट नं.1 व गेट नं.4 और कावड़ यात्रियों के लिए मंगलवार से शुक्रवार तक गेट नं.4 से प्रवेश की व्यवस्था की है। शेष दिनों में कावड़िए सामान्य दर्शनार्थियों के साथ कतार में लगकर भगवान को जल अर्पण कर सकेंगे।