आपका बच्चा भी अगर फोन पर गेम खेलता है तो जरा सावधान हो जाइए, हो सकता है कि वो इस लत में फंसकर आपकी कमाई बस नहीं उड़ाये बल्कि अपनी जान भी लेले . लखनऊ में एक छात्र को ऐसी लत लगी कि उसने अपने पिता के 14 लाख हार गया
Online gaming Addiction: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के मोहनलालगंज इलाके में एक स्कूल में पढऩे वाले कक्षा 6 के छात्र यश कुमार ने ऑनलाइन गेम में 14 लाख रुपये हारने के बाद आत्महत्या कर ली. यश के पिता सुरेश कुमार यादव पुताई का काम करते हैं. उन्होंने करीब 2 साल पहले जमीन बेचकर 14 लाख रुपये यूनियन बैंक की बिजनौर शाखा में जमा किए थे.
ऑनलाइन गेम फ्री फायर के जाल में फंसकर 14 साल के यश ने अपनी जान दे दी. मकान बनवाने के लिए खेत बेचकर बैंक में जमा पिता के 14 लाख रुपये वह गेम में हार गया था. इससे वह घबरा गया था. पिता की डांट से नाराज होने के बाद उसने आत्महत्या कर ली

सोमवार 15 सितम्बर को पासबुक अपडेट कराने पर जब खाते से 14 लाख रुपये कम होने की जानकारी मिली तो वे हैरान रह गए. जांच करने पर पता चला कि यह रकम ऑनलाइन गेम के जरिए खर्च हो गई थी. घर लौटकर सुरेश ने बेटे यश से इस बारे में पूछा. पहले तो यश ने बात टाल दी, लेकिन बाद में स्वीकार किया कि फ्री फायर गेम खेलते हुए सारे पैसे हार चुका है.
इस पर भी पिता ने बेटे को डांटा नहीं बल्कि सिर्फ समझाया. वहीं ट्यूशन टीचर ने भी भरोसा दिलाया कि वे यश को समझा देंगे. लेकिन इसके कुछ ही समय बाद यश अपने कमरे में गया और पंखे से लटककर जान दे दी.
परिजन यश को फौरन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. घटना से गांव में मातम पसरा हुआ है. यश अपने मां-बाप का इकलौता बेटा था. मौत की खबर सुनते ही मां विमला बेहोश हो गईं, जबकि बहन गुनगुन का रो-रोकर बुरा हाल है.

Online gaming Addiction: जानिये पूरा मामला
मामला मोहनलालगंज कोतवाली क्षेत्र के धनुवासाड़ गांव का है. गांव के रहने वाले किसान सुरेश कुमार यादव का इकलौता बेटा यश कुमार कक्षा छह का छात्र था. सोमवार को बच्चे के पिता सुरेश बैंक में रकम निकालने गए थे. तब उन्हें वहां जाकर पता चला कि खाते में पैसे ही नहीं हैं. वह बैंक मैनेजर को खाते से पैसे गायब होने की शिकायत करके लौट आए.
बैंक स्टेटमेंट से पता चला कि सारा पैसा ऑनलाइन गेम में खर्च हुआ है. पूरा बात सुरेश ने घर पर आकर बताई तब यश वहीं पर था. जैसे ही पता चला कि खाते से रकम गायब होने की जानकारी पिता को हो गई है, वह पढ़ाई के बहाने बैग लेकर छत पर बने कमरे में चला गया.
कमरे में जाकर पिता की डांट की डर के मारे फंदा लगा लिया. करोड़ों रुपए कमाने के लालच में पिता के बैंक खाते से 13 लाख रुपए गेम में गंवा दिए. रात को यश की बहन कमरे में गई तो यश को फंदे पर लटके हुए देखा. बहन की चीख-पुकार सुनकर परिजन छत पर पहुंचे और यश को फंदे से नीचे उतारकर सीएचसी लेकर गए. जहां पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.

Online gaming Addiction: कैसा है फ्री फायर गेम
फ्री फायर गेम बैटल रॉयल शैली पर आधारित है. इसमें गेम खेलने वाला दूसरों से लड़ता है. खेलने वाले को हथियार ढूंढने होते हैं और दुश्मनों को खत्म करना होता है. बच्चे गेम में पसंद की चीजें खरीदने के लिए पैसे खर्च करते हैं और लाखों गंवा देते हैं. साल 2022 में सरकार ने डाटा प्राइवेसी और सुरक्षा के चलते इस गेम को बैन कर दिया था, लेकिन अभी भी यह पहुंच में है.