Ordnance Factory: जबलपुर बना रहा 250 kg क्षमता के बम की बॉडी,1100 खोल बनाने का मिला आर्डर

By: PalPal India News
September 30, 2025

Ordnance Factory: ऑर्डनेंस फैक्ट्री जबलपुर को रक्षा उत्पादन के क्षेत्र एक अग्रणी निर्माणी में गिना जाता है। निर्माणी इस समय 250 किग्रा क्षमता के बम की बॉडी बनाने के कार्य में जुटी हुई है। सेना की ताकत बढ़ाने के लिए जबलपुर की दो ऑर्डनेंस फैक्ट्री ;जबलपुर और खमरियाद्ध में 250 किलोग्राम का बम तैयार किया जा रहा है. केंद्रीय सुरक्षा संस्थान ने 1100 बम का ऑर्डर दिया है. जबलपुर की ग्रे आयरन फैक्ट्री बम का खोल तैयार कर रही है और आयुध निर्माणी खमरिया फैक्ट्री उसमें बारुद भरेगी. दोनों फैक्ट्रियों को मार्च 2026 तक कार्य पूरा करने का लक्ष्य दिया गया है.

ऑर्डनेंस फैक्ट्री जबलपुर (पूर्व नाम जीआइएफ) को रक्षा उत्पादन के क्षेत्र एक अग्रणी निर्माणी में गिना जाता है। निर्माणी इस समय 250 किग्रा क्षमता के बम की बॉडी बनाने के कार्य में जुटी हुई है। इस सत्र में उसे 1100 बम की बॉडी बनाने का लक्ष्य हासिल हुआ है और मार्च तक यह उत्पादन लक्ष्य पूरा करना है। भारतीय वायुसेना के लिए उपयोगी इन बमों में बारूद आर्डनेंस फैक्ट्री खमरिया भरेगा।

Ordnance Factory: बंकर आदि को नष्ट करने में मदद मिलेगी

नए डिजाइन वाले बमों से वायु क्षेत्र में सेना की ताकत और बढ़ जाएगी। इस बम से दुश्मन के सैन्य वाहन, खड़े एयरक्राफ्ट और मध्यम आकार के बंकर आदि को नष्ट करने में मदद मिलेगी। 250 किलो बम के बाद जोर 500 किलो के बम को तैयार करने पर है। फिलहाल निर्माणी 250 किग्रा क्षमता के बमों की बॉडी को आकार देने में जुटी हुई है। माना जा रहा है कि रक्षा उत्पादन में तेजी से कार्य के कारण लक्ष्य मार्च 31 तक पूरा होने में सफलता मिलेगी।

Ordnance Factory: हैंडग्रेनेड और सुरंगरोधी बम भी बना रही फैक्ट्री-

फैक्ट्री ने ट्रायल के तौर पर 250 किलो के पांच बम तैयार किए थे. जिनका लॉन्ग फ्रूफ रेंज में परीक्षण सफल रहा है. इसके बाद बम का नियमित उत्पादन शुरू कर दिया गया है. जानकार बताते हैं कि नए बम से सेना की ताकत कई गुना पढ़ जाएगी. इन बमों से सैन्य वाहनए बंकरए एयर क्राफ्ट को भी नष्ट किया जा सकता है. ऑर्डनेंस फैक्ट्री जबलपुर का अगला लक्ष्य 500 किलोग्राम का थाउजेंड पाउंडर बम बनाना है.

इस पर फैक्ट्री प्रबंधन और केंद्रीय सुरक्षा संस्थान ने विचार शुरू कर दिया है. इसके लिए जरूरी दिशा-निर्देश और सामग्री पर काम भी होने लगा है. यह देख का सबसे बड़ा बम होगा. थाउजेंड पाउंडर बन बनाने का काम देश में पहली बार किसी छोटी फैक्ट्री को सौंपा गया है. इससे पहले  120 किलोग्राम सहित अन्य बमों पर काम कर चुकी है. बता दें कि साल 2023 में फैक्ट्री ने बम की बॉडी को आकार दिया था.

Ordnance Factory
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Ordnance Factory: हैंडग्रेनेड और सुरंगरोधी बम भी बना रही फैक्ट्री-

आयुध निर्माण जबलपुर अभी तक 100 से 120 किलोग्राम के एरियल बम के खोल तैयार करती रही है. इसके अलावा यहां एम्युनेशन बॉक्स, हैंड ग्रेनेड और सुरंगरोधी बम भी बनाए जाते हैं.

Ordnance Factory: पहले ट्रायल बम बने फिर सफलता के बाद लक्ष्य पर कार्य

महत्वपूर्ण है कि समय पर कार्य पूरा करने पर निर्माणी को अगले साल बढ़कर उत्पादन करने का लक्ष्य प्राप्त हो सकेगा। 250 किग्रा क्षमता के पहले ट्रायल बम बनाए गए। जिसमें सफल रहने के बाद इनका उत्पादन आरंभ हुआ। ट्रायल बम के रूप में 5 एयर बम की बॉडी तैयार कर इसमें बारूद भरने के बाद प्रारंभिक परीक्षण एलपीआर में हुआ। परीक्षण सफल होने के बाद इसका नियमित उत्पादन शुरू हुआ।

Ordnance Factory: थाउजेंड पाउंडर बम देश का सबसे बड़ा बम

अब निर्माणी का फोकस इसके 500 किलो में तैयार करने पर है। इससे पहले ओएफजे 120 किग्रा क्षमता और थाउंजेड पाउंडर पर भी कार्य तेजी से कर चुकी है। 500 किग्रा बम की बॉडी एक महत्वपूर्ण उत्पादन भी होगा। थाउजेंड पाउंडर बम को देश का सबसे बड़ा बम माना जाता है। इस बम के खोल बनाने का काम पहली बार देश की किसी छोटी निर्माणी को सौंपा गया था। 2023 में निर्माणी ने इस बम की बाड़ी को आकार दिया था।

Ordnance Factory: एरियल बम का भी कार्य

ओएफजे अभी 100 से 120 किलो एरियल बम का खोल (बॉडी) तैयार करती रही है। इसके अलावा यहां एमुनेशन बॉक्स, हैंड ग्रेनेड और सुरंगरोधी बम भी बनाए जाते हैं। सूत्रों की मानें, तो आगे इस पर ओर कार्य होगा। ताकि रक्षा जरूरतों के हिसाब से समय पर आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।

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