बदायूं (उत्तर प्रदेश): जिले के इस्लामनगर थाना क्षेत्र के मोहल्ला काजी टोला से मानवता को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है। एक बीमार महिला और उसके दो साल के बेटे को दवाई देने पहुंचे डॉक्टर को स्थानीय लोगों ने झोलाछाप बताकर न सिर्फ पकड़ लिया, बल्कि खंभे से बांधकर बेरहमी से पीटा। मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिसे X (पूर्व ट्विटर) पर @bstvlive नाम के हैंडल से साझा किया गया है।
महिला की शिकायत के मुताबिक, वह इन दिनों अपने मायके आई हुई थी और बीए की परीक्षा देने की तैयारी कर रही थी। उसकी ससुराल हरियाणा के भिवानी में है। बीमारी की हालत में रात करीब 11:30 बजे जब उसकी और बेटे की तबीयत बिगड़ गई, तो उसने पास के एक क्लीनिक में कार्यरत डॉक्टर आशिक को बुलाया, जो पहले से ही उनका इलाज कर रहा था।
डॉक्टर के घर आते ही मोहल्ले के कुछ लोगों ने गलतफहमी के चलते आपत्ति जताई और बिना कोई बात सुने उस पर हमला बोल दिया। महिला ने आरोप लगाया कि महावीर, मनीष, ओमपाल, महेश सहित सात लोगों ने अचानक उनके घर में घुसकर डॉक्टर को पकड़ लिया, उसे खंभे से बांधा और लात-घूंसों से बुरी तरह पीटा। जब महिला बीच-बचाव करने आई तो उसे भी थप्पड़ मारे गए और धक्का देकर हटाया गया।
स्थानीय लोगों ने डॉक्टर पर झोलाछाप होने और गलत इरादे से घर में घुसने का आरोप लगाया, जबकि महिला ने साफ कहा है कि उसने खुद डॉक्टर को बुलाया था और वह केवल इलाज के लिए आया था।
घटना के बाद महिला ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई, जिसके आधार पर सात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है, और वायरल वीडियो को भी सबूत के तौर पर लिया गया है।
यह घटना न सिर्फ कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि किसी व्यक्ति को बिना तथ्य और पुष्टि के कैसे भीड़ की हिंसा का शिकार बनाया जा सकता है।