PM मोदी ने सुनीता विलियम्स के साथ तस्वीरें की शेयर, बोले अन्तरिक्ष यात्रियों ने दिखाया दृढ़ता का वास्तव में क्या मतलब है

By: PalPal India News
March 19, 2025

पलपल इंडिया प्रतिनिधि। भारतीय मूल की सुनीता विलियम्स अंतरिक्ष यात्रा से वापस आ चुकी हैं। उनके बापस आते ही पीएम नरेंद्र मोदी ने  सुनीता विलियम्स के साथ तस्वीर शेयर करते हुए एक खास पोस्ट लिखी है। सुनीता विलियम्स भारतीय मूल की अमेरिकी नागरिक और एस्ट्रोनॉट हैं। यह उनकी तीसरी अंतरिक्ष उड़ान थी। सुनीता ने अब तक अंतरिक्ष में कुल 608 दिन बिताए हैं। सुनीता का जन्म 19 सितंबर 1965 को यूक्लिड, ओहियो में हुआ था। उनके पिता दीपक पांड्या गुजरात के मेहसाणा जिले के झूलासन से संबंध रखते हैं। विलियम्स ने एक महिला द्वारा अंतरिक्ष में सर्वाधिक चहलकदमी किए जाने का रिकॉर्ड बनाया है।

आपको बता दे नासा की अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर नौ महीने तक अंतरिक्ष में रहने के बाद बुधवार पृथ्वी पर वापस लौट आए हैं। दोनों अंतरिक्ष यात्री 5 जून 2024 को बोइंग के नए स्टारलाइनर क्रू यान में सवार होकर अंतरिक्ष गए थे और उन्हें एक हफ्ते में ही वापस लौटना था। लेकिन यान में कुछ तकनिकी खराबी के कारण इन्हें 9 महीने तक अंतरिक्ष में ही रहना पड़ा। अंतरिक्ष से वापसी पर सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर को दुनियाभर से बधाई मिल रही है। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी दोनों को बधाई देते हुए X पर लिखा है-“आपका स्वागत है, #Crew9! धरती ने आपको याद किया।”

दृढ़ता का वास्तव में मतलब दिखा

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सुनीता विलियम्स के साथ तस्वीर शेयर करते हुए लिखा- “आपका स्वागत है, #Crew9! धरती ने आपको याद किया। यह आपके धैर्य, साहस और असीम मानवीय भावना की परीक्षा रही है। सुनीता विलियम्स और #Crew9 अंतरिक्ष यात्रियों ने एक बार फिर हमें दिखाया है कि दृढ़ता का वास्तव में क्या मतलब है। उनका अटूट दृढ़ संकल्प हमेशा लाखों लोगों को प्रेरित करेगा।”

सुनीता विलियम्स एक आइकन हैं- पीएम मोदी

सुनीता विलियम्स एक पथप्रदर्शक और एक आइकन हैं जिन्होंने अपने पूरे करियर में इस भावना का उदाहरण दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आगे लिखा- “स्पेस रिसर्च का मतलब है मानवीय क्षमता की सीमाओं को आगे बढ़ाना, सपने देखने का साहस करना और उन सपनों को हकीकत में बदलने का साहस रखना। हमें उन सभी पर बहुत गर्व है जिन्होंने उनकी सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के लिए अथक परिश्रम किया। उन्होंने दिखाया है कि जब सटीकता जुनून से मिलती है और तकनीक दृढ़ता से मिलती है तो क्या होता है।”

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