भोपाल. मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में इन दिनों एक अजीब और चौंकाने वाला पोस्टर चर्चा का विषय बना हुआ है। 90 डिग्री के पुल और जर्जर घंटाघर के बाद अब रानी कमलापति स्टेशन के पास लगे इस पोस्टर ने लोगों को हैरान कर दिया है। पोस्टर में एक महिला कुत्ते का दूध पीती हुई नजर आ रही है। इसके साथ ही लिखा है, “अगर आप कुत्ते का दूध नहीं पीते, तो किसी और प्रजाति का दूध कैसे पी सकते हैं?”
पोस्टर का उद्देश्य शाकाहारी भोजन और लाइफस्टाइल को बढ़ावा देना है। इसमें विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया गया है कि लोग न केवल मांसाहार बल्कि दूध, पनीर, घी और अन्य पशु उत्पादों का भी त्याग करें।
बढ़ती जनसंख्या के साथ पशु-आधारित खाद्य पदार्थों की खपत में तेजी आई है, जिसके चलते पशुओं के प्रति अमानवीय व्यवहार भी बढ़ा है। फैक्ट्री फार्मिंग जैसी प्रणालियों में जानवरों को तंग, अस्वस्थ और भयावह परिस्थितियों में रखा जाता है, जहां उन्हें पीड़ा, डर और मानसिक तनाव का सामना करना पड़ता है। डेयरी और अंडा उद्योग में जानवरों से जबरन गर्भधारण कराना, मां और नवजात शिशु को अलग करना और समय से पहले जानवरों को मार देना जैसी प्रथाएं भी आम हो चुकी हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, हर साल दुनिया भर में लगभग 80 अरब जमीन के जानवरों को भोजन के लिए मार दिया जाता है।
यह पोस्टर समाज को शाकाहारी बनने और पशु-उत्पादों के विकल्प अपनाने का संदेश देने के लिए लगाया गया था, लेकिन इसकी प्रस्तुति ने यात्रियों के बीच खासी चर्चा और हैरानी पैदा कर दी है।