पुणे: प्रसिद्ध श्रीमंत दगडूशेठ हलवाई गणपति मंदिर में होली के अवसर पर अंगूर महोत्सव का आयोजन किया गया। इस दौरान मंदिर को नासिक के सह्याद्रि फार्म से आए 2,000 किलो जैविक काले और हरे अंगूरों से सजाया गया, जिससे मंदिर का नजारा बेहद मनमोहक लग रहा था। हर साल आयोजित होने वाला अंगूर महोत्सव मंदिर का एक प्रमुख वार्षिक उत्सव है, जिसे भक्तों द्वारा बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है।
मंदिर परिसर में गणपति प्रतिमा और आसपास का क्षेत्र हजारों किलो अंगूरों से सजाया गया, जिससे भक्तों को एक अनोखा और मंत्रमुग्ध कर देने वाला दृश्य देखने को मिला। इस आयोजन की एक वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रही है, जिसे X (पूर्व में ट्विटर) पर @ThePuneMirror हैंडल से साझा किया गया।
हर साल की तरह इस बार भी मंदिर में उपयोग किए गए अंगूरों को विभिन्न संस्थाओं जैसे ससून जनरल हॉस्पिटल और पिताश्री वृद्धाश्रम के साथ-साथ मंदिर आने वाले भक्तों में वितरित किया गया। इससे जरूरतमंदों को भोजन मिल सका और भक्तों को भगवान गणपति का आशीर्वाद प्राप्त हुआ।
मंदिर ट्रस्ट के प्रमुख सुनील रसाने ने बताया कि आयुर्वेद में अंगूर को स्वास्थ्यवर्धक फल माना गया है। उन्होंने कहा,
“अंगूर हृदय रोग के जोखिम को कम करता है और मस्तिष्क की कार्यक्षमता को बनाए रखने में मदद करता है। यह पाचन में सुधार करता है, शरीर में हीमोग्लोबिन का स्तर बढ़ाता है और खून की कमी को दूर करता है। विशेष रूप से हरे अंगूर हीमोग्लोबिन को बढ़ाने में अधिक सहायक होते हैं।”
इस भव्य आयोजन में मंदिर ट्रस्ट के कई वरिष्ठ पदाधिकारी भी उपस्थित थे, जिनमें ट्रस्ट के उपाध्यक्ष माणिक चव्हाण, बालासाहेब परांजपे, कोषाध्यक्ष महेश सूर्यवंशी, महासचिव हेमंत रासने, महोत्सव प्रमुख अक्षय गोडसे, संयुक्त सचिव अमोल केदारी, सुवर्णयुग तरुण मंडल के अध्यक्ष प्रकाश चव्हाण, सह्याद्रि फार्म के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक विलास शिंदे सहित अन्य पदाधिकारी शामिल थे।