नई दिल्ली। रेलवे मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) को निर्देश दिया है कि वह 15 फरवरी को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर हुई भगदड़ से जुड़े 285 वीडियो हटाए। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इस हादसे में 18 लोगों की मौत हुई थी। मंत्रालय ने ‘नैतिक मानदंडों’ और X की कॉन्टेंट पॉलिसी का हवाला देते हुए 17 फरवरी को नोटिस जारी किया, जिसमें 36 घंटे के भीतर कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया था।
रेलवे मंत्रालय के अनुसार, ऐसे वीडियो साझा करने से कानून-व्यवस्था पर असर पड़ सकता है, खासकर जब रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में भारी भीड़ हो। मंत्रालय का मानना है कि इस तरह के संवेदनशील वीडियो रेलवे के संचालन में बाधा डाल सकते हैं। रिपोर्ट के अनुसार, सरकार के नोटिस में प्रमुख समाचार चैनलों के X अकाउंट से पोस्ट किए गए वीडियो भी शामिल हैं। खासतौर पर उन वीडियो पर चिंता जताई गई है जिनमें शवों को दिखाया गया है, क्योंकि इसे ‘संवेदनशील और परेशान करने वाला कॉन्टेंट’ माना गया है।
24 दिसंबर को रेलवे मंत्रालय को एक नया अधिकार दिया गया, जिससे रेलवे बोर्ड के कार्यकारी निदेशक (सूचना एवं प्रचार) स्वयं ऐसे नोटिस जारी कर सकते हैं। यह अधिकार सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 79(3)(बी) के तहत दिया गया है। इससे पहले इस तरह के नोटिस आईटी मंत्रालय द्वारा धारा 69ए के तहत ब्लॉकिंग कमेटी के माध्यम से भेजे जाते थे।
सरकार अब कुछ URL को भी ब्लॉक करने का निर्देश दे सकती है, खासतौर पर उन अकाउंट्स के खिलाफ जो गैरकानूनी विज्ञापन, प्रमोशनल कॉन्टेंट या भ्रामक जानकारी फैलाते हैं। यदि सरकारी निर्देश के बावजूद आपत्तिजनक सामग्री नहीं हटाई जाती है, तो संबंधित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म अपनी कानूनी सुरक्षा (Safe Harbour Protection) खो सकते हैं।