भोपाल। मध्यप्रदेश में मानसून अब कहर बनकर टूट रहा है। प्रदेश के कई हिस्सों में तेज और लगातार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। चित्रकूट में दो दिन से हो रही मूसलधार बारिश के चलते मंदाकिनी नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। रामघाट, भरतघाट सहित प्रमुख घाट जलमग्न हो गए हैं और आसपास के घरों-दुकानों में पानी भर गया है। सबसे अधिक नुकसान मंडला जिले में हुआ है, जहां बाढ़ के कारण अब तक 7 लोगों की जान जा चुकी है और 2 लोग लापता हैं। जिले में 300 से ज्यादा मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं, कई सड़कें और पुल बह गए हैं। अब तक 312 लोगों को बचाकर 7 राहत शिविरों में शिफ्ट किया गया है।
20 से ज्यादा जिलों में भारी बारिश का असर
शुक्रवार को सिवनी, छतरपुर, उमरिया, सतना, कटनी, सीधी, शहडोल, रीवा, टीकमगढ़, दमोह, जबलपुर, दतिया, रतलाम, श्योपुर, नर्मदापुरम और सीहोर सहित 20 से अधिक जिलों में तेज बारिश हुई। सिवनी में केवल 9 घंटे में 6.5 इंच बारिश दर्ज की गई। छतरपुर के खजुराहो में 2.5 इंच, उमरिया और नौगांव में 1.8 इंच, सतना में 1.1 इंच, जबकि पचमढ़ी और ग्वालियर में आधा इंच बारिश रिकॉर्ड की गई।
चित्रकूट में हाई अलर्ट, लोग हटाए जा रहे सुरक्षित स्थानों पर
चित्रकूट एसडीएम एपी द्विवेदी ने बताया कि मंदाकिनी नदी उफान पर है। एनडीआरएफ और एसडीईआरएफ की टीमें मौके पर मौजूद हैं। प्रशासन ने घाटों और नदी के आसपास के इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के निर्देश दिए हैं और लगातार अनाउंसमेंट कर चेतावनी दी जा रही है।
हरसी बांध से खतरा बढ़ा, 20 गांवों पर संकट
शिवपुरी और ग्वालियर की सीमा पर स्थित हरसी बांध लबालब भर गया है और पानी ओवरफ्लो होने लगा है। इससे दोनों जिलों के करीब 20 गांवों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है।
अन्य घटनाएं: दीवार गिरी, पेड़ गिरा, बच्चों की डूबने से मौत
मैहर में तेज बारिश से एक मकान की दीवार गिर गई, जिसमें एक महिला घायल हो गई। उसे अमरपाटन सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सतना में कार पर पेड़ गिर गया, हालांकि कार में सवार सभी पांच लोग सुरक्षित बच गए लेकिन वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।