बेंगलुरु। पहली बार आईपीएल खिताब जीतने वाली रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के विजयोत्सव का जश्न बुधवार को एक बड़े हादसे में तब्दील हो गया। चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर जमा भारी भीड़ में भगदड़ मचने से 11 लोगों की मौत हो गई, जबकि 33 लोग घायल हो गए। घटना की गंभीरता को देखते हुए कर्नाटक हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लिया है और आज दोपहर 2:30 बजे इस मामले में सुनवाई करेगा। इस हादसे को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता स्नेहमयी कृष्णा ने बेंगलुरु के कब्बन पार्क थाने में शिकायत दर्ज करवाई है। शिकायत में मुख्यमंत्री सिद्धारमैया, उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार और कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ को लापरवाही का दोषी ठहराया गया है।
घटना के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा,
“मैं इस घटना का बचाव नहीं कर रहा, लेकिन देश में पहले भी कुंभ मेले जैसे आयोजनों में ऐसे हादसे हुए हैं, जहां 50-60 लोगों की जान गई थी। इसका यह मतलब नहीं कि हम जिम्मेदारी से बच सकते हैं।”
मुख्यमंत्री ने बताया कि स्टेडियम की क्षमता 35 हजार है, लेकिन करीब 2 से 3 लाख लोग वहां पहुंच गए थे, जिससे भगदड़ की स्थिति बनी। उन्होंने यह भी बताया कि मृतकों में अधिकांश युवा थे और सरकार की ओर से प्रत्येक मृतक के परिजनों को 10-10 लाख रुपये मुआवजा देने की घोषणा की गई है।
हादसे के बाद विपक्षी पार्टी भाजपा ने मुख्यमंत्री से इस्तीफे की मांग की है और घटना को सरकार की “प्रशासनिक विफलता” करार दिया है। इधर, कर्नाटक के गृह मंत्री डॉ. जी. परमेश्वर चिन्नास्वामी स्टेडियम पहुंचे और मौके पर बेंगलुरु पुलिस कमिश्नर, डीसीपी, वरिष्ठ अधिकारी, और कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ के पदाधिकारियों के साथ आपात बैठक की। बैठक में भगदड़ की वजहों और आगे की कार्यवाही पर चर्चा की गई। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि आयोजकों ने स्टेडियम के भीतर प्रवेश को लेकर पर्याप्त भीड़ नियंत्रण व्यवस्था नहीं की थी। अनुमान के अनुसार अधिकतम 50-60 हजार लोगों के जुटने की संभावना थी, लेकिन सोशल मीडिया पर प्रचार और खिलाड़ियों की लोकप्रियता के चलते भीड़ बेकाबू हो गई।