पलपल इंडिया प्रतिनिधि। गुजरात के पालनपुर में हत्या की एक दिल दहलाने वाली वारदात सामने आई है। यहां पिता और चाचा पर 18 साल की एक युवती की हत्या का आरोप लगा है। बीते महीने हाई कोर्ट में युवती के लिव-इन पार्टनर की ओर से दाखिल बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर सुनवाई होने वाली थी। हालांकि, सुनवाई से पहले ही लड़की की मौत हो गई। अब मामले में जांच के दौरान पुलिस ने लड़की के पिता और चाचा को गिरफ्तार किया है। जानकारी के मुताबिक, युवती और युवक एक-दूसरे से प्यार करते थे लेकिन उसके पिता और चाचा को ये रिश्ता मंजूर नहीं था। यही लड़की की मौत का कारण बन गया।
जानकारी अनुसार- “लड़की हरेश चौधरी से प्यार करती थी। दोनों ने एक लिव-इन समझौते पर दस्तखत भी किए थे, जो सेंधाभाई और उसके भाई को मंजूर नहीं था। 24 जून की रात को जब लड़की थराड के दांतिया गांव में शिवरामभाई के घर पर थी, तो उसे नींद की गोलियां मिला दूध पिलाया गया। जब वह बेहोश हो गई, तो सेंधाभाई और शिवरामभाई ने उसका गला घोंट दिया। उन्होंने पुलिस को बताए बिना ही उसका अंतिम संस्कार कर दिया।”
मृत लड़की के लिव-इन पार्टनर हरेश चौधरी की शिकायत के आधार पर पुलिस ने बुधवार को उसके पिता सेंधाभाई पटेल तथा चाचा शिवरामभाई पटेल के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया था। पुलिस ने लड़की के चाचा को अरेस्ट कर लिया है। हालांकि, उसका पिता फरार है जिसे पकड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं। हरेश चौधरी ने शिकायत में आरोप लगाया है कि लड़की के रिश्तेदारों ने उसकी हत्या की है। ऐसा इसलिए क्योंकि वे उनके रिश्ते के खिलाफ थे और उसकी शादी किसी और से कराना चाहते थे।
जानकारी मिली है कि युवक हरेश चौधरी पहले से ही शादीशुदा है। उसने लड़की को लिफ्ट दी थी, जिसके बाद उसे उससे प्यार हो गया था। युवक का एक बेटा भी है। पुलिस ने बताया है कि अभी ये बात स्पष्ट नहीं हुई है कि चौधरी ने लड़की को अपनी शादी के बारे में बताया था या नहीं। युवक और युवती बीते मई महीने में भागकर अहमदाबाद पहुंचे थे। यहां उन्होंने लिव-इन रिश्ते से जुड़े औपचारिक समझौते पर हस्ताक्षर किए। इसके बाद दोनों मध्यप्रदेश और राजस्थान चले गए। हालांकि, 12 जून को पुलिस और लड़की के एक रिश्तेदार ने दोनों को राजस्थान के एक होटल में खोज लिया। इसके बाद लड़की को उसके चाचा शिवरामभाई को सौंप दिया गया था। वहीं, युवक को कच्छ जिले के भचाऊ में मद्य निषेध अधिनियम के तहत दर्ज एक पुराने मामले में गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस को मिली शिकायत के मुताबिक, युवक को जेल से बाहर आने के बाद पता लगा कि लड़की ने उसे इंस्टाग्राम पर दो बार मैसेज किया था। लड़की ने डर जताया था कि उसे रिश्तेदारों के हाथों मारा जा सकता है कि या उसकी शादी किसी और से कराई जा सकती है। इसके बाद युवक ने अपने वकील से बात की। वकील ने हाई कोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण की याचिका दायर की और लड़की को अदालत में पेश करने का अनुरोध किया। सुनवाई से ठीक दो दिन पहले 25 जून को युवक को पता चला कि लड़की की 24 जून की रात को मौत हो गई और अगली सुबह उसका अंतिम संस्कार भी कर दिया गया।