नई दिल्ली। रेलवे स्टेशन पर शनिवार रात भयंकर भगदड़ मच गई, जिसमें कुंभ जा रहे 18 श्रद्धालुओं की दर्दनाक मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए। मृतकों में 9 महिलाएं, 4 पुरुष और 5 बच्चे शामिल हैं। इनमें से 9 लोग बिहार, 8 दिल्ली और 1 हरियाणा के थे। यह हादसा रात करीब 10 बजे प्लेटफॉर्म 13 और 14 पर हुआ, जब हजारों श्रद्धालु प्रयागराज महाकुंभ जाने के लिए ट्रेन में सवार होने की कोशिश कर रहे थे।
घटना की जानकारी मिलते ही रेलवे पुलिस और दिल्ली पुलिस ने तुरंत राहत अभियान शुरू किया और घायलों को एलएनजेपी व लेडी हार्डिंग अस्पताल में भर्ती कराया। दिल्ली के उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना और पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी ने अस्पताल जाकर घायलों का हालचाल लिया। रेलवे प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को 10-10 लाख रुपये, गंभीर रूप से घायलों को 2.5 लाख रुपये और मामूली रूप से घायलों को 1 लाख रुपये मुआवजा देने की घोषणा की है।
रेलवे बोर्ड के इंफॉर्मेशन एंड पब्लिसिटी के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर दिलीप कुमार ने बताया कि घटना की जांच के लिए दो सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति का गठन किया गया है, जो भगदड़ के कारणों की पड़ताल करेगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सुझाव देगी।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया। राष्ट्रपति कार्यालय से जारी बयान में कहा गया, “नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर भगदड़ में लोगों की मौत का समाचार बेहद पीड़ादायक है। मैं शोक संतप्त परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करती हूं और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करती हूं।”
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सरकार से पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग करते हुए कहा, “सरकार को मृतकों और घायलों की सही संख्या सार्वजनिक करनी चाहिए और ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने चाहिए।” लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने इसे सरकार की नाकामी करार देते हुए कहा, “रेलवे की लापरवाही और प्रशासन की असंवेदनशीलता के कारण यह हादसा हुआ। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए बेहतर प्रबंध किए जाने चाहिए थे।”