पलपल इंडिया प्रतिनिधि। मध्य प्रदेश में यात्रियों को यात्रा करने पर नहीं होगी अब कोई परेशानी। मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार ने दो दशकों के बाद ‘मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा’ शुरू करने के निर्णय को मंजूरी दे दी है। मंत्रिपरिषद की बैठक में इस पर फैसला लिया गया।
बता दें कि तत्कालीन भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार ने 2004 में भारी घाटे का हवाला देते हुए मध्यप्रदेश राज्य परिवहन निगम को बंद कर दिया था, जिससे सड़क परिवहन नेटवर्क में एक खालीपन पैदा हो गया था। मध्य प्रदेश सरकार ने यात्रियों की सुविधा के लिए बड़ी घोषणा की है। राज्य में करीब दो दशक पहले बंद की गई सरकारी समर्थित बस सेवा को फिर से शुरू किया जाएगा। इस प्रस्ताव को सरकार ने मंगलवार को मंजूरी दे दी। मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में साधारण और ग्रामीण मार्गों पर व्यवस्थित, सुविधाजनक और सुरक्षित यात्री बस परिवहन सेवाएं प्रदान करने के लिए ‘मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा’ शुरू करने के निर्णय को मंजूरी दे दी गई।
वहीं राज्य के परिवहन मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने कहा, “यह मॉडल पीपीपी (सार्वजनिक निजी भागीदारी) के आधार पर संचालित होगा।” एक अधिकारी के अनुसार, ग्रामीण व साधारण सेवा मार्गों और यातायात का निर्धारण करके व्यवस्थित योजना के माध्यम से यात्री बसों का संचालन किया जाएगा। मंत्रिमंडल ने यात्री परिवहन सेवा शुरू करने और राज्य स्तरीय होल्डिंग कंपनी स्थापित करने के लिए 101.20 करोड़ रुपये की ‘इक्विटी’ पूंजी मंजूर करने का फैसला किया। फिलहाल, 20 शहरों में सार्वजनिक परिवहन के लिए कंपनी अधिनियम के तहत विशेष प्रयोजन वाहन (एसपीवी) बनाए गए हैं, जिनमें से 16 सक्रिय हैं।