नई दिल्ली। भारतीय फुटबॉल के महान खिलाड़ी सुनील छेत्री ने अंतरराष्ट्रीय संन्यास से वापसी करने का फैसला किया है। वह इस महीने होने वाले फीफा मैत्री मैचों में भारतीय राष्ट्रीय टीम का हिस्सा बनेंगे और अपने अनुभव से टीम को मजबूती प्रदान करेंगे। भारतीय फुटबॉल महासंघ (AIFF) ने गुरुवार को इस बात की पुष्टि की। 40 वर्षीय छेत्री, जो एक दशक से अधिक समय तक भारतीय टीम के कप्तान रहे, अब फिर से मैदान पर अपनी चमक बिखेरते नजर आएंगे। AIFF ने अपने आधिकारिक ‘X’ हैंडल पर लिखा, “सुनील छेत्री वापस आ गए हैं! कप्तान, लीडर, लीजेंड – वह मार्च की फीफा अंतरराष्ट्रीय विंडो के लिए भारतीय राष्ट्रीय टीम में वापसी करेंगे।”
छेत्री ने 2005 में अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल में पदार्पण किया था और उसके बाद भारत के लिए सबसे ज्यादा गोल करने वाले खिलाड़ी बन गए। 94 अंतरराष्ट्रीय गोल के साथ उन्होंने फुटबॉल जगत में अपनी अलग पहचान बनाई। पिछले साल जून में कुवैत के खिलाफ हुए फीफा वर्ल्ड कप क्वालीफायर मैच के बाद उन्होंने अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल को अलविदा कह दिया था। मुख्य कोच मनोलो मारक्वेज ने छेत्री को 26 सदस्यीय टीम में शामिल किया है। उन्होंने कहा, “एशियाई कप के लिए क्वालीफाई करना हमारे लिए बेहद अहम है। इस बड़े टूर्नामेंट और आगामी मैचों की गंभीरता को देखते हुए मैंने सुनील से राष्ट्रीय टीम में वापसी करने की बात की। उन्होंने हामी भर दी और इसलिए हम उन्हें टीम में शामिल कर रहे हैं।”
छेत्री अब तक इंडियन सुपर लीग (ISL) में बेंगलुरु एफसी के लिए खेलते रहे हैं और इस सीजन में 23 मैचों में 12 गोल दाग चुके हैं। वह ISL के इस सीजन में सबसे ज्यादा गोल करने वाले भारतीय खिलाड़ी हैं। क्रिस्टियानो रोनाल्डो, लियोनेल मेस्सी और अली डेई के बाद छेत्री पुरुष फुटबॉल में चौथे सबसे ज्यादा गोल करने वाले खिलाड़ी हैं। फीफा ने भी उनके करियर को सम्मानित करते हुए 2022 में ‘कैप्टन फैंटास्टिक’ नामक एक डॉक्यूमेंट्री जारी की थी, जिसमें उनके शानदार करियर के तीन चरण – किक-ऑफ, मिड-गेम और एक्सट्रा टाइम को दर्शाया गया था।
भारत 19 मार्च को मालदीव के खिलाफ एक मैत्री मैच खेलेगा, जो 25 मार्च को बांग्लादेश के खिलाफ एएफसी एशियाई कप 2027 क्वालीफायर के पहले मैच की तैयारी के लिए होगा। भारत को क्वालीफाइंग ग्रुप में बांग्लादेश, हांगकांग और सिंगापुर के साथ रखा गया है। पिछली बार भारतीय टीम ग्रुप स्टेज से आगे नहीं बढ़ सकी थी, लेकिन इस बार छेत्री की वापसी टीम के लिए सकारात्मक संकेत हो सकती है।