पेरिस: फ्रांस के क्रूजिए-ले-न्यूफ कस्बे में पुरातत्वविदों को एक दुर्लभ और ऐतिहासिक खोज में दो प्राचीन सेल्टिक तलवारें मिली हैं, जो लगभग 2300 साल पुरानी हैं। फ्रेंच नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ प्रिवेंटिव आर्कियोलॉजिकल रिसर्च (INRAP) के अनुसार, ये तलवारें यूरोपीय इतिहास में अपनी तरह की अनूठी हैं। खास बात यह है कि इनमें से एक तलवार की म्यान (शीथ) पर स्वास्तिक के चिन्ह अंकित हैं।
दोनों तलवारें अब भी अपनी मूल म्यान में मौजूद हैं। एक तलवार की म्यान तांबे की बनी है, जबकि दूसरी लंबी तलवार में बेल्ट लगाने के लिए छल्ले लगे हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि यह कमर पर पहनने के लिए बनाई गई थी। इस म्यान को चमकदार पत्थरों से सजाया गया है, जिनमें से दो पर स्वास्तिक का निशान उकेरा गया है।
ये तलवारें 2022 में 650 वर्ग मीटर क्षेत्र में फैली एक प्राचीन कब्रगाह की खुदाई के दौरान मिली थीं, जिसमें 100 से अधिक कब्रें थीं। मिट्टी के अम्लीय होने के कारण मानव कंकाल नहीं बचे, लेकिन एक कब्र से राख और सजावटी मिट्टी के बर्तन बरामद हुए।
स्वास्तिक के ऐतिहासिक अर्थ
हिंदू संस्कृति में पवित्र माने जाने वाले स्वास्तिक का इस्तेमाल दुनिया के कई प्राचीन समाजों में सजावटी प्रतीक के रूप में होता था। INRAP के पुरातत्वविद विंसेंट जॉर्जेस के अनुसार, सेल्टिक काल में स्वास्तिक को एक सजावटी डिजाइन के रूप में अपनाया गया था, हालांकि इस क्षेत्र में इसके विशेष महत्व को लेकर अभी और शोध की जरूरत है।
खुदाई में मिले अन्य अवशेषों में धातु के आभूषण शामिल हैं, जैसे तांबे के कंगन और 18 टूटी हुई ब्रोच। एक ब्रोच में सोने और चांदी से जड़ा रत्न मिला है, जो चौथी से तीसरी शताब्दी ईसा पूर्व का माना जा रहा है। इनमें से कुछ गहनों पर ‘ओसेली’ या आंख की आकृति उकेरी गई है, जो उस समय के सेल्टिक कारीगरों में खासा लोकप्रिय थी।
एक तलवार के ब्लेड पर एक्स-रे जांच में सूर्य और चांद जैसे प्रतीकों की झलक मिली है। दूसरी लंबी तलवार युद्ध उपयोग के लिए बनाई गई प्रतीत होती है, जिसे संभवतः घुड़सवार योद्धा अपनी कमर से बांधते थे।