पलपल इंडिया प्रतिनिधि। ओंकारेश्वर में नर्मदा स्नान के दौरान एक बड़ा हादसा होते हुए बच गया। जलस्तर बढ़ने से दो श्रद्धालु और एक बच्चा चट्टानों पर फंस गए। स्थानीय लोगों ने हर घाट पर इंजन वाली रेस्क्यू नाव की मांग की है। नर्मदा का जलस्तर कम होने से दो श्रद्धालु और एक बच्चा नदी के बीच चट्टानों पर पहुंच गए थे। अचानक ओंकारेश्वर बांध से पानी छोड़े जाने से जलस्तर बढ़ा और तेज प्रवाह में तीनों फंस गए। नाविक संघ, होमगार्ड और एसडीआरएफ ने तीनों को सुरक्षित बचा लिया।
सुबह नर्मदा का जलस्तर कम होने से विदिशा निवासी 29 वर्षीय बंटी पुत्र दोजराम, 25 वर्षीय सुनील पुत्र किशनलाल और छह वर्षीय अंश नदी के बीच चट्टानों पर पहुंच गए। इसी दौरान बांध से सायरन बजाकर पानी छोड़ा गया, जिससे जलस्तर तेजी से बढ़ गया। श्रद्धालु कुछ समझ पाते, उससे पहले जल के तेज प्रवाह में फंस गए।
घटना की सूचना मिलते ही ओंकारेश्वर नाविक संघ के सेलू बिना इंजन वाली नाव लेकर बचाव के लिए पहुंचे, लेकिन तेज प्रवाह के कारण सफल नहीं हुए। उसके बाद नाविक पिंटू उर्फ पंकज केवट डीजल इंजन वाली नाव लेकर आए, जिससे तीनों को सुरक्षित नगरघाट लाया गया। रेस्क्यू में होमगार्ड के नवल सिंह और एसडीआरएफ के महेश रावत की भूमिका अहम रही।