वॉशिंगटन/बर्लिन। अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप द्वारा प्रस्तावित 25% ऑटोमोबाइल आयात टैरिफ के चलते जर्मन ऑटोमोबाइल कंपनियों को बड़ा झटका लग सकता है। इस टैरिफ के प्रभाव को देखते हुए Volkswagen AG ने अपने अमेरिकी बाजार में बेची जाने वाली गाड़ियों की कीमत बढ़ाने का निर्णय लिया है। कंपनी अपने वाहनों की स्टीकर प्राइस में इस अतिरिक्त शुल्क को जोड़ने की तैयारी कर रही है। यह जानकारी ब्लूमबर्ग की एक हालिया रिपोर्ट में सामने आई है।
Volkswagen ने इस संबंध में अपने अमेरिकी डीलरों को एक मेमो भेजकर सूचित किया है। रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी ने अस्थायी रूप से मेक्सिको से वाहनों की रेल शिपमेंट को रोक दिया है, वहीं यूरोप से भेजी जा रही कारों को भी अमेरिकी बंदरगाहों पर रोक दिया गया है।
गौरतलब है कि Volkswagen की टेनेसी स्थित फैक्ट्री में ID.4 इलेक्ट्रिक कार और Atlas SUV जैसे मॉडल बनाए जाते हैं, लेकिन ID Buzz वैन, Golf, Tiguan, Taos और Jetta जैसे अन्य लोकप्रिय मॉडल यूरोप और मेक्सिको से आयात होते हैं।
इस नई नीति को लेकर जर्मनी की ऑटो इंडस्ट्री लॉबी VDA की प्रमुख हिल्डेगार्ड मुलर ने चिंता जाहिर की है। उन्होंने कहा, “यह टैरिफ व्यापार नीति में एक बड़ा मोड़ है, जिससे सभी पक्षों को नुकसान हो सकता है – यहां तक कि अमेरिका को भी। इससे अमेरिकी उपभोक्ताओं को महंगाई और सीमित विकल्पों की समस्या का सामना करना पड़ सकता है, जिससे उनकी क्रय शक्ति प्रभावित होगी।”
ट्रंप के इस संभावित निर्णय का असर शेयर बाजार पर भी देखने को मिला। रिपोर्ट के अनुसार, गुरुवार को वोक्सवैगन और मर्सिडीज के शेयरों में 3% से अधिक की गिरावट दर्ज की गई, हालांकि BMW के शेयरों में 1.6% की बढ़त देखी गई।