नई दिल्ली. बलोचिस्तान की आजादी की मांग ने एक बार फिर जोर पकड़ा है। बलोच नेता मीर यार बलोच ने बुधवार को एक स्पष्ट और कड़ा बयान देते हुए कहा, “हम पाकिस्तानी नहीं हैं, हम बलोचिस्तानी हैं।” उनका दावा है कि बलोचिस्तान ने 11 अगस्त 1947 को ही अपनी आजादी की घोषणा कर दी थी, जब ब्रिटिश राज का अंत हो रहा था। उन्होंने जोर देकर कहा कि बलोचिस्तान कभी भी पाकिस्तान का हिस्सा नहीं रहा।
मीर यार बलोच ने आरोप लगाया कि बलोच जनता को हवाई हमले, जबरन गायब करने, और नरसंहार जैसे अमानवीय अत्याचारों का सामना करना पड़ा है। उन्होंने भारतीय मीडिया और डिजिटल पत्रकारों से अपील की कि बलोचों को “पाकिस्तान की जनता” कहना बंद करें। उन्होंने कहा, “पाकिस्तान की असली जनता पंजाबी हैं — जिन पर न तो बमबारी हुई, न जबरन लापता किया गया और न ही उनके खिलाफ नरसंहार हुआ।”
भारत-पाक तनाव, खासकर पुलवामा जैसे आतंकी हमलों के बाद, बलोचिस्तान ने भारत के प्रति समर्थन खुलकर जाहिर किया है। मीर यार बलोच ने कहा, “डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ बलोचिस्तान की जनता भारत के साथ है। मोदी जी, आप अकेले नहीं हैं — आपके साथ 6 करोड़ बलोच देशभक्त खड़े हैं।” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जहां चीन पाकिस्तान का साथ दे रहा है, वहीं बलोचिस्तान भारत और उसके नेतृत्व के साथ मजबूती से खड़ा है।
बलोचिस्तान में मानवाधिकार उल्लंघनों की घटनाएं लंबे समय से जारी हैं — जिनमें बिना वारंट गिरफ्तारियां, विरोध करने वालों की हत्याएं और जबरन गायब करना शामिल है। मीर यार बलोच ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की है कि वह बलोच जनता की आवाज को सुने और उनकी आजादी को वैध मान्यता दे।