पलपल इंडिया प्रतिनिधि। राज्यसभा में दिग्विजय सिंह और अमित शाह के बीच 2002 गुजरात दंगों और 26/11 हमलों पर तीखी बहस हुई. शाह ने दिग्विजय के पुराने बयानों पर तंज कसा और स्पष्ट किया कि दंगों के समय वे गृह मंत्री नहीं थे.
राज्यसभा में गुरुवार को कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह और गृह मंत्री अमित शाह के बीच तीखी बहस देखने को मिली. विवाद तब शुरू हुआ जब दिग्विजय सिंह ने 2002 के गुजरात दंगों की जिम्मेदारी को लेकर सवाल उठाया. दूसरी ओर, अमित शाह ने न सिर्फ इसका जवाब दिया, बल्कि दिग्विजय सिंह के पुराने बयानों, खासकर 26/11 मुंबई हमलों को लेकर ऐसा घेरा कि जवाब देते नहीं बना.
वक्फ बिल पर चर्चा के दौरान सुधांशु त्रिवेदी ने कहा, 26/11 आरएसएस ने कराया, ऐसा कहने वाले सदन में बैठे हुए हैं. हाफिज साहब, जाकिर नाईक शांति का मसीहा कहने वाले यहीं बैठे हैं. यह बात दिग्विजय सिंह को खटक गई. उन्होंने कहा, त्रिवेदी ने जो बात कही है, वह घोर आपत्तिजनक है. अपमानित करने वाली है. इस पर गृहमंत्री अमित शाह खड़े हुए. उन्होंने कहा-मैंने पूरी चर्चा को ध्यान से सुना है. सुधांशु त्रिवेदी ने कहीं किसी का नाम नहीं लिया है. अगर वे खुद को जोड़ रहे हैं तो ये उनकी मर्जी है. अभी भी मौका है अगर आपने नहीं कहा है 26/11 के हमलों में आरएसएस शामिल है, तो सदन में साफ कर दीजिए. इस पर दिग्विजय सिंह ने फिर कहा, मैंने कभी नहीं कहा कि 26/11 के हमलों में आरएसएस शामिल है. आप लोग शोर मचाते हैं. इसके बाद शाह ने कहा, “दिग्गी ने कभी नहीं कहा ऐसा, लेकिन उनकी हरकतें और बयानबाजी हमेशा विवाद पैदा करती हैं.’
दिग्विजय सिंह ने कहा क्या?
लेकिन इसके बाद दिग्विजय सिंह और भड़क उठे, उन्होंने अमित शाह को ही घेरने की कोशिश की. दिग्विजय सिंह ने कहा, ” मैं यह सब नहीं कहना चाहता, लेकिन क्या सदन को पता चल सकता है कि गुजरात दंगों के लिए कौन जिम्मेदार था? इस मुद्दे पर लंबे समय से स्पष्टता की जरूरत है. गृहमंत्री जी आप जब वहां पर गृहमंत्री थे, दंगे हुए थे तो आप लोगों का क्या रोल था, यह जगजाहिर है. उनके इस बयान पर बीजेपी के सांसद हमलावर हो गए.
अमित शाह का करारा जवाब
तभी गृह मंत्री अमित शाह खुद जवाब देने के लिए खड़े हो गए. शाह ने कहा, इनको मेरा हौव्वा ऐसा है कि मैं ही दिखाई देता हूं. जब गुजरात दंगे हुए, तब मैं गृह मंत्री नहीं था. मैं दंगों के 18 महीने बाद गुजरात का गृह राज्य मंत्री बना.” दिग्विजय सिंह तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश कर रहे हैं. यह पहली बार नहीं है जब दिग्विजय सिंह और अमित शाह आमने-सामने आए हों. दिग्विजय सिंह लंबे समय से भाजपा और आरएसएस के खिलाफ मुखर रहे हैं. 2010 में, उन्होंने एक किताब “26/11: RSS की साजिश?” के विमोचन में हिस्सा लिया था, जिसमें मुंबई हमलों को आरएसएस से जोड़ने का दावा किया गया था.