पलपल इंडिया प्रतिनिधि। मध्य प्रदेश के सीधी जिले के खड्डी गांव में सड़क बनवाने के लिए करीब एक साल से गुहार लगा रही सोशल मीडिया इनफ्लूएंसर गर्भवती लीला साहू समेत दूसरी गर्भवती महिलाओं ने मोर्चा खोल रखा है, जो कि अब सियासी रंग ले चुका है। बीजेपी सांसद के डिलीवरी की डेट बताने, हेलीकॉप्टर से उठवाने के अजीबोगरीब बयान पर छिड़े घमासान पर कांग्रेस ने इसे गर्भवती महिलाओं के लिए ओछी भाषा कहकर घेरा है। तो वहीं, अब लीला साहू ने भी नया वीडियो जारी कर बीजेपी सांसद पर पलटवार किया है।
लीला साहू ने वीडियो में कहा है, ”सांसद जी को ऐसा नहीं कहना चाहिए था कि हमारे लिए हेलीकॉप्टर भेजेंगे। हमारे गांव में मैं अकेली गर्भवती नहीं हूं, मेरे जैसे 6-6 अन्य गर्भवती महिलाएं हैं। क्या हर एक के लिए हेलीकॉप्टर भेजकर अस्पताल पहुंचाया जाएगा? हम सड़क बनने से ही विकास चाहते हैं। सड़क न होने से हमारे घर के बच्चे स्कूल नहीं जा पाते। मरीज अस्पताल तक नहीं पहुंच पाते। अगर सड़क होती, तो कम से कम एम्बुलेंस न सही, प्राइवेट गाड़ी तो गांव तक आ सकती थी। जनता सिर्फ सड़क की सुविधा और विकास चाहती है।”
इस बीच भोपाल बाजेपी कार्यालय पहुंचे सीधी से बीजेपी सांसद राजेश मिश्रा ने विवाद के बाद अब अपने गर्भवती महिलाओं को हेलीकॉप्टर से उठाने वाले बयान पर सफाई दी है। सांसद ने कहा कि मेरी मंशा किसी महिला को लेकर इस तरह की नहीं थी और न है। मैंने जो कहा उसका मतलब ये कि हमारे पास एयर एंबुलेंस हैं, दूसरी एंबुलेंस हैं हॉस्पिटल का स्टाफ है, आशा कार्यकर्ता हैं, जननी एक्सप्रेस के माध्यम से वहां से उठाकर हॉस्पिटल में भर्ती करेंगे। हम लोग संस्कारवान पार्टी के सदस्य हैं, विंध्य में बातचीत अलग तरीके से की जाती है। हम हमारी भाषा में यह कहते हैं कि मरीज को इस स्थान से उठाकर दूसरी जगह ले जाओ, यदि मेरे कहने की मंशा थी, मैं ऐसी भी जगह जाता हूं जहां कोई नहीं गया कांग्रेस अपना काम देखे।