Accident News राजस्थान के दौसा जिले के बांदीकुई में देर रात दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है. एक व्यक्ति अपने दो बच्चों के साथ ट्रेन के आगे छलांग लगा दी है. हादसे में पिता की मौके पर ही मौत हो गई. जबकि दोनों बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए. दोनों बच्चों को जयपुर रेफर किया गया है.
दौसा जिले के बांदीकुई क्षेत्र से एक हृदयविदारक खबर सामने आई है. यहां नन्देरा निवासी बबली सैनी ने अपने दो बच्चों के साथ ट्रेन के सामने छलांग लगाकर आत्महत्या का प्रयास किया. इस दर्दनाक हादसे में पिता की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दोनों बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए. घटना बांदीकुई के पंचमुखी बालाजी मंदिर के नजदीक की है, जिसने स्थानीय लोगों और यात्रियों को दहला दिया.

जानकारी के अनुसार घटना रविवार रात करीब 2 बजे बांदीकुई-आगरा रेल मार्ग पर पंचमुखी के पास हुई. स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को तुरंत अस्पताल ले जाया गया. जहां से उन्हें जयपुर के जेके लोन हॉस्पिटल रेफर किया गया है. दोनों मासूमों की हालत नाजुक बताई जा रही है. वहीं, पुलिस ने युवक के शव को बांदीकुई के सरकारी अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया है.
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बबली सैनी अपने दोनों बच्चों को साथ लेकर रेलवे ट्रैक पर पहुंचा और अचानक ट्रेन आते ही तीनों ने छलांग लगा दी. टक्कर इतनी तेज थी कि पिता की मौके पर ही मौत हो गई. वहीं, दोनों बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए. उन्हें तुरंत स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से बांदीकुई अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है. डॉक्टरों के अनुसार बच्चों की हालत स्थिर है लेकिन अभी निगरानी में रखा गया है.

पुलिस ने घरेलू विवाद की आशंका जताई है. शुरूआती जांच में सामने आया है कि घरेलू विवाद के चलते युवक ने यह कदम उठाया. स्थानीय लोगों के मुताबिक युवक अपने दो बच्चों को बाइक पर बिठाकर घटनास्थल पर आया था. यहां पर बाइक खड़ी करने के बाद युवक ने बच्चों के साथ ट्रेन के आगे छलांग लगा दी. पुलिस को मौके पर ही मृतक की बाइक मिली है.
हादसे में घायल बेटे चित्रेट (3) और उमंग (5) को बांदीकुई अस्पताल ले जाया गया. जहां से दोनों बच्चों को दौसा रेफर कर दिया. इसके बाद दौसा से दोनों बच्चों को गंभीर हालत में जयपुर के जेके लोन अस्पताल रेफर कर दिया.
बबली सैनी (35) निवासी नंदेरा बांदीकुई के रूप में हुई है. वह करीब 8 साल से अपने परिवार के साथ जयपुर में भांकरोटा में रहता था. मृतक ड्राइवर था. वह रात को ही अपने बच्चों के साथ जयपुर से बांदीकुई आया था.

घटना की सूचना मिलते ही जीआरपी, आरपीएफ और बांदीकुई थाना पुलिस मौके पर पहुंची. रेलवे ट्रैक पर भारी भीड़ इकट्ठी हो गई थी, जिसे पुलिस ने हटाया. मृतक का शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है. फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है कि आखिरकार पिता ने ऐसा कदम क्यों उठाया.
घटना के बाद इलाके में दहशत और आक्रोश का माहौल है. ग्रामीणों का कहना है कि परिवार की आर्थिक तंगी या घरेलू विवाद जैसी वजह इस कदम के पीछे हो सकती हैं. हालांकि, अभी तक परिवार की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है. स्थानीय लोगों ने प्रशासन से अपील की है कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सामाजिक और मानसिक परामर्श सेवाओं को मजबूत किया जाए.
इस घटना ने एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि आखिरकार समाज में मानसिक तनाव और आर्थिक दबाव किस हद तक लोगों को चरम कदम उठाने पर मजबूर कर रहा है. पिता की मौत और बच्चों के घायल होने से एक ही परिवार पर गहरा संकट आ गया है.